अंबिकापुर जेल में कैदी की मौत, इलाज के दौरान बिगड़ी हालत से सवाल
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अंबिकापुर सेंट्रल जेल में हत्या के दोषी कैदी की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान मौत, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल।
कैदी को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन उपचार के बावजूद हालत बिगड़ने से जान नहीं बच सकी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे, प्रशासन ने जांच और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Ambikapur/ छत्तीसगढ़ के Ambikapur स्थित सेंट्रल जेल में बंद एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। इस घटना के बाद जेल प्रशासन और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मृतक Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur (MCB) जिले का निवासी था और पिछले कुछ दिनों से उसकी तबीयत ठीक नहीं थी। बीते दो दिनों में उसे उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी, जिससे उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
जेल प्रशासन ने कैदी की बिगड़ती हालत को देखते हुए तुरंत उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया। अस्पताल में भर्ती करने के बाद डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया और उसे निगरानी में रखा गया। प्रारंभिक उपचार के दौरान उसकी स्थिति को स्थिर करने की कोशिश की गई, लेकिन उसकी तबीयत में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया।
बुधवार सुबह अचानक उसकी हालत और ज्यादा गंभीर हो गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए, लेकिन अंततः इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद अस्पताल और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मामले की सूचना संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को दे दी गई है। नियमानुसार मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस घटना ने जेलों में कैदियों की स्वास्थ्य सुविधाओं और समय पर इलाज की उपलब्धता को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जेलों में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। कुल मिलाकर, अंबिकापुर सेंट्रल जेल की यह घटना प्रशासन के लिए एक चुनौती बनकर सामने आई है, जहां पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करना जरूरी होगा।